SIR को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए 07 जून तक नियुक्त करें बीएलए-2 : डीएम डॉ. आशीष चौहान

SIR को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए 07 जून तक नियुक्त करें बीएलए-2 : डीएम डॉ. आशीष चौहान

  • 08 जून से शुरू होगा डोर-टू-डोर अभियान, गणना प्रपत्र वितरण और संकलन
  • अनुपस्थित, स्थानांतरित व मृत मतदाताओं की एएसडी सूची होगी सार्वजनिक
  • आयोग के निर्देश-मतदाता विवरण के सत्यापन हेतु अनुमन्य दस्तावेजों की प्रति आवश्यक
  • देहरादून में 80.38 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 14 जुलाई को प्रकाशित होगा प्रथम ड्राफ्ट
  • SIR को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी ने की राजनीतिक दलों के साथ अहम बैठक

देहरादून : जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे 7 जून से पूर्व प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) नियुक्त कर जिला निर्वाचन कार्यालय को इसकी सूचना उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य पूरी पारदर्शिता और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न किया जा सके।

बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों को गणना प्रपत्र की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने बताया कि जनपद की 10 विधानसभा क्षेत्रों के 1,882 मतदान केंद्रों पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा 1,839, कांग्रेस द्वारा 1,717 तथा सीपीआई(एम) द्वारा 378 बीएलए-2 नियुक्त किए जा चुके हैं, जबकि अन्य मान्यता प्राप्त दलों ने अभी तक अपने प्रतिनिधियों की नियुक्ति नहीं की है।

See also  महाराज ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से की शिष्टाचार भेंट

उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन करेंगे। जिन घरों में पहली बार भ्रमण के दौरान ताला बंद मिलेगा, वहां बीएलओ तीन बार पुनः संपर्क करेंगे। इसके साथ ही 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पात्र नागरिकों के फार्म-6 भी स्वीकार किए जाएंगे।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत तथा डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर एएसडी सूची तैयार की जाएगी, जिसे पंचायत भवनों, नगर निकायों तथा संबंधित वेबसाइटों पर प्रकाशित करने के साथ राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीएलए-2 पुनरीक्षण अभियान के दौरान बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर सत्यापन, संशोधन तथा अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यों में सहयोग करेंगे।

See also  सीएम धामी के निर्देश पर एफडीए का बड़ा अभियान, दूध-पनीर समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच को भेजे; होटल मधुवन, जेएसआर से सरोवर पोर्टिको तक छापेमारी, किचन से स्टोर तक खंगाली खाद्य सामग्री

जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि 14 जुलाई को मतदाता सूची का प्रथम प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 11 सितंबर तक उनका निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एसआईआर के तहत जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं है, उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा अनुमन्य दस्तावेजों में से किसी एक की प्रति प्रस्तुत करनी होगी।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती की जा चुकी है। प्री-एसआईआर अभियान के अंतर्गत जनपद के कुल 13,76,813 मतदाताओं में से 11,06,652 मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है, जो कुल मतदाताओं का 80.38 प्रतिशत है।

See also  हरदा के घर पहुंचे भगत दा, हरदा के स्वास्थ का जाना हालचाल, मुलाक़ात के बाद सियासी चर्चाएं भी तेज़ !

जिलाधिकारी ने कहा कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, बीएलए तथा आम नागरिक निर्वाचन आयोग के ईसीआई-नेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त ‘‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’’ सुविधा के जरिए संबंधित बीएलओ से सीधे संपर्क किया जा सकता है। मतदाता सहायता के लिए निर्वाचन आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र प्रसाद देवली, भारतीय जनता पार्टी से नवीन रावत, संतोष रावत, धर्मेश रावत, सुशील गुप्ता, ऊषा कोठारी, आरएस परिहार, पंकज गुप्ता, उमा नरेश तिवारी, कांग्रेस पार्टी से सतेन्द्र, गोदावरी थपलियाल, कुलदीप कोहली, संजय किशोर सहित अन्य राजनीतिक दलों के पदाधिकारी मौजूद थे।