हरित दून के सपने को जमीन पर उतार रहा एमडीडीए, विश्व पर्यावरण दिवस पर किया 300 पौधों का रोपण

हरित दून के सपने को जमीन पर उतार रहा एमडीडीए, विश्व पर्यावरण दिवस पर किया 300 पौधों का रोपण

  • नागरिकों से अपने आसपास कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का किया आह्वान

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की “हरित उत्तराखंड-स्वच्छ उत्तराखंड” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) तेजी से कदम बढ़ा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को प्राधिकरण ने न केवल वृहद पौधारोपण अभियान चलाया, बल्कि राजधानी को अधिक हरित, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने के अपने दीर्घकालिक विजन को भी सामने रखा। सहस्त्रधारा रोड रायपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित युवा कल्याण कार्यालय, नालापानी रोड के समीप नदी किनारे खाली पड़ी भूमि पर एमडीडीए द्वारा लगभग 300 पौधों का रोपण किया गया। इनमें फलदार, छायादार और औषधीय प्रजातियों के पौधे शामिल रहे। कार्यक्रम में प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

एमडीडीए अब केवल भवन निर्माण और शहरी विकास तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजधानी के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में नए हरित पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों को स्वच्छ वातावरण और मनोरंजन के बेहतर अवसर मिल सकें। इसके साथ ही शहर की प्रमुख सड़कों के बीच स्थित डिवाइडरों पर फूलदार और सजावटी पौधे लगाए जा रहे हैं। ये पौधे न केवल दून की सुंदरता बढ़ा रहे हैं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित आवरण बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रहे हैं।देहरादून की आवाम का भी कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच हरित क्षेत्रों का संरक्षण और विस्तार भविष्य की बड़ी जरूरत है। ऐसे में एमडीडीए की पहल राजधानी को एक आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

See also  राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर देहरादून प्रशासन अलर्ट, डीएम ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

पौधारोपण कार्यक्रम में एमडीडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। 127 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) गढ़वाल राइफल्स के अधिकारी, जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) एवं जवानों ने, जिन्हें लोकप्रिय रूप से ‘गढ़वाल ग्रीनर्स’ के नाम से जाना जाता है, पौधारोपण अभियान में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने पौधे लगाने के साथ उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करना भी उतना ही आवश्यक है। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वच्छ और हरित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। यदि हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकेगा।

See also  राहुल ने विरोध के डर से पौड़ी और अल्मोड़ा दौरा किया निरस्त : दीप्ती रावत भारद्वाज।

पौधारोपण नहीं, पौध संरक्षण भी जरूरी – बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण राजधानी में हरित क्षेत्रों के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत जनभागीदारी का अभियान है। विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि ये पौधे भविष्य में घने वृक्षों का रूप ले सकें। उन्होंने कहा कि जिस स्थल पर पौधारोपण किया गया है, उसे भविष्य में एक विकसित हरित पार्क के रूप में तैयार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित किए जा रहे नए पार्क, ग्रीन बेल्ट और डिवाइडर प्लांटेशन राजधानी की सुंदरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

See also  गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर परखी स्वास्थ्य सेवाएं, दिए निर्देश

सचिव ने दिया जनभागीदारी पर जोर

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण और रखरखाव की भी प्रभावी व्यवस्था की जा रही है। आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में और अधिक हरित परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिससे दून घाटी का पर्यावरणीय संतुलन मजबूत हो सके। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह अभियान इस बात का संकेत है कि राजधानी देहरादून को हरित, स्वच्छ और सतत विकास का मॉडल बनाने की दिशा में एमडीडीए लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। यदि ऐसे प्रयास जनसहभागिता के साथ आगे बढ़ते रहे तो आने वाले वर्षों में दून घाटी का हरित स्वरूप और अधिक मजबूत होकर सामने आएगा।