आप पार्टी में भी जोत नहीं जला पाये जोत सिंह बिष्ट,  बिष्ट सहित कमलेश रमन ने भी दिया पार्टी से इस्तीफ़ा, आम आदमी पार्टी का उत्तराखंड में हुआ डब्बा गोल !

आप पार्टी में भी जोत नहीं जला पाये जोत सिंह बिष्ट, बिष्ट सहित कमलेश रमन ने भी दिया पार्टी से इस्तीफ़ा, आम आदमी पार्टी का उत्तराखंड में हुआ डब्बा गोल !

राव शफात अली / देहरादून/

उत्तराखंड में अपनी राजनीतिक ज़मीन मज़बूत करने में जुटी आम आदमी पार्टी की राजनीतिक ज़मीन और भी कमजोर हो रही हैं पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने आप पार्टी का दामन छोड़ दिया है उत्तराखंड में अपनी झाड़ू की  तिल्लियों को मज़बूत करने में जुटी आम आदमी पार्टी की पूरी झाड़ू ही बिखर गई है

जिसके चलते उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है कई नेताओं ने पार्टी से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है ,

जोत सिंह बिष्ट समेत तमाम नेताओं ने आम आदमी पार्टी को छोड़ दिया है पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे जोत सिंह बिष्ट आम आदमी पार्टी की कार्यशैली से नाराज़ चल रहे थे जिसके चलते  अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ जोत सिंह बिष्ट ने भी  पार्टी को अलविदा कह दिया है

See also  सीएम धामी के निर्देश पर एफडीए का बड़ा अभियान, दूध-पनीर समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच को भेजे; होटल मधुवन, जेएसआर से सरोवर पोर्टिको तक छापेमारी, किचन से स्टोर तक खंगाली खाद्य सामग्री

जोत सिंह बिष्ट का कहना है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सोया हुआ है. पिछले 3 महीने से पार्टी कि कार्यकारिणी को भंग किया है ऐसे में हम सभी अब पार्टी में अपना समय खराब नहीं करेंगे और पार्टी को छोड़ रहे हैं

ग़ौरतलब है कि जोत सिंह बिष्ट आप पार्टी से पहले कांग्रेस के बड़े वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे लेकिन कांग्रेस को छोड़कर बिष्ट  ने आम आदमी पार्टी को ज्वाइन कर लिया था ,आप पार्टी में रहते हुए जोत सिंह बिष्ट की राजनीति भी हाशिए पर चली गई थी जिसके चलते अपने राजनीतिक वजूद को बचाने के लिए आम आदमी पार्टी से बिष्ट ने इस्तीफा दे दिया |

See also  टनल में मलबा-पानी भरने से मचा हड़कंप, कुल 22 व्यक्तियों के फंसने की सूचना, 16 लोगों का हुआ रेस्क्यू

*कमलेश रमन ने कहा आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में गम्भीर नहीं !

आम आदमी पार्टी में प्रदेश प्रवक्ता रही कमलेश रमन ने जानकारी दी कि पिछले तीन माह से उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी की कार्यकारिणी भंग थी और शीर्ष नेतृत्व कार्यकारणी को बनाने में गंभीरता नहीं दिखा रहा था जिसके चलते कार्यकर्ताओं में नाराज़गी बनी हुई थी शीर्ष नेतृत्व को लगता था कि चुनाव से छह महीने पहले ही कार्यकारणी बनाकर वो उत्तराखंड में चुनाव जीत सकते हैं जबकि कमलेश रमन का कहना है कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थिति दूसरे राज्यों से अलग है जहाँ आम आदमी पार्टी को ज़्यादा मेहनत करने की आवश्यकता है

See also  गर्व, उत्साह और उमंग के साथ मनेगा आजादी का महापर्व; 80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में जुटा देहरादून प्रशासन

हालाँकि अभी इस्तीफे के बाद कमलेश रमन का कहना है कि जिन लोगों ने इस्तीफ़ा दिया है सब बैठकर के बैठक में तय करेंगे कि अब अगला क़दम क्या होगा |