श्रावण में श्रद्धालुओं को राहत देने की कोका-कोला इंडिया की पहल; हाइड्रेशन, विश्राम और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए सार्थक प्रयास

श्रावण में श्रद्धालुओं को राहत देने की कोका-कोला इंडिया की पहल; हाइड्रेशन, विश्राम और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए सार्थक प्रयास

देहरादून : श्रावण मास के दौरान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में हजारों श्रद्धालु लंबी दूरी की पदयात्राएं करते हैं। इस दौरान उनकी सुविधा और राहत को ध्यान में रखते हुए कोका-कोला इंडिया ने अपने बॉटलिंग पार्टनर्स के सहयोग से प्रमुख मार्गों पर हाइड्रेशन और विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध कराईं। यात्रियों के लिए ठंडे पेय पदार्थों की सहज उपलब्धता सुनिश्चित की गई, साथ ही शॉवर वाले चेंजिंग रूम, मिस्ट एरिया, बड़ी मिस्ट बॉटल्स और आरामदायक बैठने की व्यवस्था की गई। इन प्रयासों से न सिर्फ गर्मी और थकान से राहत मिली, बल्कि यात्रा को सहज और सुकूनभरा भी बनाया गया।

कोका-कोला इंडिया ने इस पहल के ज़रिए श्रद्धालुओं की ज़रूरतों को समझने के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का भी परिचय दिया।

कंपनी ने हाइड्रेशन ज़ोन के अलावा स्थानीय कारोबार को भी समर्थन दिया। हाई-ट्रैफिक इलाकों में डिस्ट्रीब्यूटरों और रिटेल आउटलेट्स को सशक्त करने के लिए ढाबों और छोटे दुकानदारों को 4, 6 और 10 डोर वाले कूलर मुहैया कराए गए, जिससे वे यात्रियों को ठंडा पेय परोस सकें। इससे दुकानों पर ग्राहकों की आमद बढ़ी और व्यापारियों की कमाई में इज़ाफा हुआ, जिससे रिटेल नेटवर्क के साथ कंपनी का रिश्ता और गहरा हुआ।

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कोका-कोला इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट – इंडिया ऑपरेशंस, संदीप बाजोरिया ने कहा, “कोका-कोला इंडिया में हमारा उद्देश्य है कि सही समय और सही जगह पर लोगों को हमारी पेय सामग्री उपलब्ध कराकर उन्हें उद्देश्यपूर्ण राहत प्रदान की जाए। हमारे लिए यह सिर्फ पहुंच बढ़ाने का नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी को आसान बनाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहयोग देने का प्रयास है। यह पहल हमारे उपभोक्ताओं के जीवन में सार्थक उपस्थिति को दर्शाती है, जिसे हमारे बॉटलिंग नेटवर्क की ताकत और ज़मीनी टीमों की मेहनत ने संभव बनाया है।”

एसएलएमजी बीवरेजेस के डिप्टी सीईओ राहुल कुमार ने कहा, “हमें खुशी है कि हमने लोगों को ताजगी पहुंचाने में एक अहम भूमिका निभाई। जहां भी उपभोक्ता हों, हम उन्हें हमारे पेय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हाइड्रेशन कार्ट्स, अनुभवपूर्ण शिविरों और विस्तृत रिटेल नेटवर्क के माध्यम से हमारा प्रयास रहा है कि हर कदम पर लोगों को ठंडक, राहत और सहयोग मिले। यह पहल केवल वितरण तक सीमित नहीं, बल्कि उस सोच का हिस्सा है कि हम इस यात्रा के एक सार्थक भागीदार बनें।”

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मून बीवरेजेस के सीईओ अमित बेदी ने कहा, “यह पहल केवल हाइड्रेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों को रास्ते में राहत पहुंचाने का प्रयास है। हमारा लक्ष्य है कि कोका-कोला के पेय उन स्थानों पर उपलब्ध हों, जहां इनकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है। इस पहल के ज़रिए हमने लोगों को आराम देने के साथ ही समुदायों से भी अपने जुड़ाव को और गहरा किया है।”

एक ढाबा मालिक ने बताया, “जब से यहां रिफ्रेशमेंट ज़ोन बना है, मेरी दुकान पर ग्राहकों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। अब लोग सिर्फ ठंडा पीने ही नहीं, बल्कि कुछ देर बैठकर बातें भी करते हैं और दूसरी चीजें भी खरीदते हैं। कारोबार पहले से काफी अच्छा हो गया है!”

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कोका-कोला इंडिया की यह पहल “उद्देश्यपूर्ण कारोबार” की सोच का बेहतरीन उदाहरण है। हाइड्रेशन, विश्राम सुविधाओं, रिटेल सशक्तिकरण और लक्ष्‍य जैसे एनजीओ पार्टनर्स के साथ कचरा प्रबंधन के प्रयासों के ज़रिए कंपनी लगातार यह साबित कर रही है कि एक ब्रांड की असली पहचान तभी बनती है जब वह भारत के सांस्कृतिक और मानवीय पलों में निरंतर और सार्थक रूप से अपनी मौजूदगी दर्ज कराए।