हरदा के घर पहुंचे भगत दा, हरदा के स्वास्थ का जाना हालचाल, मुलाक़ात के बाद सियासी चर्चाएं भी तेज़ !

हरदा के घर पहुंचे भगत दा, हरदा के स्वास्थ का जाना हालचाल, मुलाक़ात के बाद सियासी चर्चाएं भी तेज़ !

13/08/2026//देहरादून //दिल्ली//

उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली… पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का स्वास्थ्य हाल जानने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी हरीश रावत के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचे थे

दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात ने प्रदेश के सियासी गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है।

भगत सिंह कोश्यारी ने हरीश रावत से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की दोनों नेता उत्तराखंड की राजनीति के दिग्गज चेहरों में शुमार हैं और लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति में एक-दूसरे के आमने-सामने भी रहे हैं।

See also  महिलाओं को बाजार और तकनीक से जोड़ना प्राथमिकता – कृभको निदेशक शिल्पी अरोड़ा

भगत सिंह कोश्यारी ने हरदा से दिल्ली में हुई भेट की तस्वीरों को अपनी सोशल मीडिया पेज पर  साझा कर हुए लिखा

आज दिल्ली में उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री Harish Rawatजी से आत्मीय भेंट कर उनकी कुशल-क्षेम जानी।

इस दौरान उत्तराखण्ड से जुड़े विभिन्न समसामयिक एवं महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा एवं विचार-विमर्श भी हुआ।

उनके शीघ्र स्वस्थ होने एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए उत्तराखण्ड हाउस ऑफ हिमालय की ओर से बद्री गाय का घी एवं शहद भी भेंट किया।

ईश्वर से प्रार्थना है कि श्री हरीश रावत जी शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ होकर पुनः जनसेवा के कार्यों में सक्रिय रूप से जुटें। उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की हार्दिक कामना करता हूँ ।

See also  सीएम धामी के निर्देश पर एफडीए का बड़ा अभियान, दूध-पनीर समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच को भेजे; होटल मधुवन, जेएसआर से सरोवर पोर्टिको तक छापेमारी, किचन से स्टोर तक खंगाली खाद्य सामग्री

हालांकि, यह मुलाकात भले ही शिष्टाचार और स्वास्थ्य हालचाल तक सीमित रही हो, लेकिन इसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं

खास तौर पर ऐसे समय में जब उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं

सवाल यह भी है कि क्या यह मुलाकात सिर्फ व्यक्तिगत कुशलक्षेम तक सीमित है, या फिर इसके पीछे कोई बड़ा सियासी संदेश भी छिपा है। फिलहाल दोनों नेताओं की मुलाकात ने उत्तराखंड की सियासत में नई चर्चाओं को जरूर जन्म दे दिया है।