उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य को पति से जान का ख़तरा, पति गिरधारी लाल साहू के ख़िलाफ़ दर्ज़ कराया मुकद्दमा !

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उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य को पति से जान का ख़तरा, पति गिरधारी लाल साहू के ख़िलाफ़ दर्ज़ कराया मुकद्दमा !

15/10/2026/देहरादून / ब्यूरो रिपोर्ट / 

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ गंभीर आरोपों और कैंट थाने में तहरीर दिए जाने के घटनाक्रम के बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई। रेखा आर्य को देहरादून के डालनवाला स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। कैबिनेट मंत्री का स्वास्थ्य जानने के लिए देहरादून के एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल भी अस्पताल पहुंचे और उनसे मुलाकात की।

एसएसपी के मुताबिक, अस्पताल लाए जाने के समय रेखा आर्य का ब्लड प्रेशर हाई था। फिलहाल उनकी हालत ठीक है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। वहीं, पति के खिलाफ दी गई तहरीर को एसएसपी ने गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि घटनाक्रम से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाकर जांच की जाएगी।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़ा मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल है। रेखा आर्य ने कैंट थाना पुलिस को दी गई तहरीर में अपने पति पर मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायत में उन्होंने यह भी दावा किया है कि उन्हें हाल ही में एक ऑडियो मिला, जिसमें उनके पति एक महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश रचते सुनाई दे रहे हैं। इसके अलावा, कंपनियों में उनके निदेशक पद से जुड़े दस्तावेजों में कथित तौर पर फर्जीवाड़े का आरोप भी लगाया गया  है

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 रेखा आर्य ने पुलिस को तहरीर में बताया 👇

पुलिस को दी गई तहरीर में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने लिखा👇

सेवा में, श्रीमान प्रभारी निरीक्षक, थाना कैंट, जनपद देहरादून।

महोदय, निवेदन है कि प्रार्थिनी रेखा आर्य पुत्री स्व० श्री गोपाल राम, उम्र 48 वर्ष, निवासी 10/11, यमुना कॉलोनी चकराता रोड, देहरादून की निवासी है। प्रार्थिनी उत्तराखंड राज्य में अधिसूचित अनुसूचित जाति की सदस्य है। प्रार्थिनी का विवाह श्री गिरधारी लाल साहू (पप्पू गिरधारी), निवासी श्रीबाबा बनखण्डी नाथ मंदिर, जोगी नवादा बरेली, उत्तरप्रदेश, साथ दिनांक 06/07/2004 को हिंदू रीति रिवाज से संपन्न हुआ था। प्रार्थिनी का पति बरेली उत्तर प्रदेश का निवासी है तथा अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है तथा जिसे प्रारंभ से ही ज्ञात है कि प्रार्थिनी अनुसूचित जाति की सदस्य है।

श्री गिरधारी लाल साहू ने विवाह के समय ही प्रार्थिनी को धोखे में रखा कि वह अविवाहित है, विवाह के कुछ वर्ष बाद प्रार्थिनी को सच्चाई पता चली कि वह पूर्व से विवाहित है और इनके पूर्व विवाह से बच्चे भी हैं, परन्तु तब तक प्रार्थिनी के बच्चे हो चुके थे और घर वालों के समझाने पर और बच्चों के भविष्य के दृष्टिगत प्रार्थिनी चुप रही।

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पिछले कुछ समय से प्रार्थिनी के प्रति गिरधारी लाल साहू का व्यवहार बदलने लगा, जिसमें यह ज्ञात हुआ कि गिरधारी लाल साहू के अन्य महिलाओं से भी अवैध संबंध हैं। इस बारे में जब प्रार्थिनी ने आपत्ति की तो शुरुआत में मेरे पति ने अपनी गलती मानते हुए लिखित और मौखिक रूप में माफीनामा दिया, परंतु माफीनामा के बाद भी वह इन कार्यों में लिप्त रहा। इन संबंधों का विरोध करने पर गिरधारी लाल साहू प्रार्थिनी के साथ मार-पीटाई और गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा। कई बार प्रार्थिनी के सरकारी आवास में स्टाफ के समक्ष भी अपमानजनक रूप से जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया।

प्रार्थिनी को यह ज्ञात हुआ है कि गिरधारी लाल साहू ने प्रार्थिनी के कूट रचित हस्ताक्षर कर एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में प्रार्थिनी को कंपनी के निदेशक के पद से निवृत दर्शा दिया जबकि प्रार्थिनी के द्वारा ऐसा कोई भी दस्तावेज निष्पादित नहीं किया गया या ही कोई त्यागपत्र दिया गया।

हाल ही में प्रार्थिनी को एक ऑडियो प्राप्त हुई है जिसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बात करते हुए प्रार्थिनी को जान से करने का षड्यंत्र रच रहा है। प्रार्थिनी को लगातार अपने और अपने नाबालिग बच्चों की जान का खतरा बना हुआ है। यह व्यक्ति कभी भी कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है।

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अतः आपसे निवेदन है कि गिरधारी लाल साहू के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करें।

 

इसी घटनाक्रम के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की तबीयत खराब हो गई और उन्हें डालनवाला स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

रेखा आर्य का स्वास्थ्य जानने के लिए देहरादून के एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल अस्पताल पहुंचे। मंत्री से मुलाकात के बाद एसएसपी ने उनके स्वास्थ्य और पुलिस की कार्रवाई को लेकर जानकारी दी।

एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल के मुताबिक, जब कैबिनेट मंत्री को अस्पताल लाया गया था, उस समय उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था। हालांकि, डॉक्टरों ने अब उनकी तबीयत ठीक बताई है और चिकित्सकीय निगरानी में उपचार जारी है।

वहीं, पुलिस कार्रवाई को लेकर एसएसपी ने कहा कि कैंट थाने में कैबिनेट मंत्री की ओर से इस घटनाक्रम से संबंधित तहरीर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी संबंधित साक्ष्य जुटाएगी और उसके आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी।