- आपदा प्रबंधन केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप जमीनी स्तर पर तैयारी सुनिश्चित करे डीएम
- आपदा कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त।
देहरादून। आगामी मानसून काल को दृष्टिगत रखते हुए जनपद में आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने सभी संबंधित विभागों को माइक्रो लेवल प्लान तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप जमीनी स्तर पर तैयारी सुनिश्चित करे।
बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निगम एवं समस्त नगर निकायों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित समस्त नदी-नालों एवं जल निकासी तंत्र की युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाते हुए 7 दिवस के भीतर कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने जलभराव की संभावनाओं को देखते हुए सभी निकायों में टास्क फोर्स एवं कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा नदी-नाला एवं नाली सफाई की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित सम्पर्क-विहीन होने वाले गांवों एवं क्षेत्रों की सूची तैयार करने, जलभराव प्रभावित स्थलों का चिन्हीकरण करने तथा त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए क्यूआरटी गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही नदी किनारे बसे गांवों एवं आबादी वाले क्षेत्रों की सुरक्षा हेतु पृथक कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने तहसील स्तर पर उपलब्ध आपदा राहत एवं बचाव उपकरणों, संसाधनों तथा मानव संसाधन की उपलब्धता का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एनएचएआई के अधिकारियों को जनपद के सभी चिन्हित लैंडस्लाइड जोन का पुनः सत्यापन एवं चिन्हीकरण करने, आपदा संभावित मार्गों पर आवश्यक मशीनरी एवं मानव संसाधन पूर्व से तैनात रखने तथा जेसीबी एवं अन्य मशीन आपरेटरों के संपर्क विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में मार्ग अवरुद्ध होने पर तत्काल वैकल्पिक मार्गों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा सभी वैकल्पिक मार्गों का पूर्व चिन्हीकरण कर लिया जाए। मानसून के दौरान बंद होने वाले मार्गों को युद्धस्तर पर खोलने हेतु विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि संवेदनशील एवं दूरस्थ क्षेत्रों में निवासरत गर्भवती महिलाओं तथा उच्च जोखिम गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) वाली महिलाओं का चिन्हीकरण कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने हेतु समय रहते सुरक्षित स्थानों अथवा चिकित्सालयों में स्थानांतरण की कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम हेतु सर्विलांस प्रणाली को सुदृढ़ करते हुए फीवर क्लीनिक, जांच व्यवस्था, दवा उपलब्धता तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों का 7 दिवस के भीतर विस्तृत माइक्रो लेवल प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार की जाए जहां पहुंचने के लिए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नदी-नालों अथवा लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों के लिए विशेष शैक्षणिक व्यवस्था विकसित की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर शिक्षक सप्ताह में निर्धारित दिवसों पर गांव-गांव जाकर विद्यार्थियों को शिक्षण कार्य उपलब्ध कराएं, जिससे आपदा अथवा मार्ग अवरोध की स्थिति में बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो।
विद्युत विभाग को जनपद में जर्जर विद्युत पोल, झूलती हुई विद्युत लाइनों एवं जोखिमपूर्ण विद्युत ढांचे का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ट्रास्फार्मरों एवं विद्युत लाइनों के समीप स्थित पेड़ों की आवश्यक लोपिंग एवं कटान कर सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कार्य पूर्ण होने का प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया। डीएम ने जल संस्थान एवं पेयजल निगम को पेयजल आपूर्ति तथा आपदा में क्षतिग्रस्त लाईनों के पुनः स्थापन हेतु प्रभावी योजतना बनाते हुए मॉनिटिरिंग करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, एनएचएआई एवं पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में स्थित सभी पुलों का सेफ्टी ऑडिट कराने तथा जिन पुलों पर सुरक्षात्मक कार्य अपेक्षित हैं उन्हें मानसून से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन नदियों एवं गदेरों में डेªजिंग की आवश्यकता है वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि जल निकासी बाधित न हो और बाढ़ अथवा कटाव की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके।
जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने कहा कि आगामी मानसून को देखते हुए प्रत्येक विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए आपदा पूर्व तैयारी, त्वरित राहत एवं प्रभावी बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्ययोजनाएं प्रस्तुत करते हुए प्रत्येक बिंदु पर नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यून किया जा सके तथा राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेें।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नगर निकायों को नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों की सफाई, स्वास्थ्य विभाग को डेंगू एवं जलजनित रोगों की रोकथाम, जबकि लोक निर्माण, सिंचाई, पेयजल और विद्युत विभागों को अपने-अपने तंत्र को मानसून से पूर्व दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। तहसील एवं विकासखंड स्तर पर त्वरित राहत एवं क्षति आकलन के लिए क्यूआरटी टीमों का गठन किया जाएगा, जो आपदा की स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों के साथ क्षति का आकलन करेंगी।
विद्यालयों, अस्पतालों, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने, संवेदनशील मार्गों एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने तथा जर्जर वृक्षों के पातन की कार्रवाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस, अग्निशमन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए संसाधनों और मानवबल सहित पूर्ण तैयारी रखने को कहा गया है।
पर्यटन विभाग को नदी-नालों एवं संवेदनशील स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, चेतावनी बोर्ड एवं बैरिकेडिंग लगाने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसएनएल को आपदा के दौरान संचार व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न विभागों के कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बैठक में नगर क्षेत्रों के जलभराव संभावित स्थलों, आपदा शिकायतों के त्वरित निस्तारण, चौनलाइजेशन एवं आपदा न्यूनीकरण कार्यों की समीक्षा, आपदा प्रभावित गांवों के विस्थापन संबंधी लंबित मामलों, मसूरी के लंढौर बाजार में भू-धंसाव, खाद्य सामग्री एवं ईंधन की उपलब्धता, पशु चारा बैंक तथा सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों से समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मानसून अवधि में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करे के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी डोईवाला, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित सम्बन्धित समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे तथा उप जिलाधिकारी चकराता, एवं अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

More Stories
इंतजार खत्म! पर्यटकों के दीदार के लिए खुली विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी
ऋषि परंपरा का पुनर्जागरण और संस्कृति का संरक्षण हमारी शाश्वत जिम्मेदारी: कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल
हर सोमवार होगा ‘समाधान दिवस’, जनता की हर शिकायत की होगी ऑनलाइन ट्रैकिंग : डीएम आशीष चौहान