नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने टिहरी जिले के लंबगांव निवासी केतन लाल हत्याकांड से जुड़े मामले में जांच अधिकारी को याचिकाकर्ता युवती का पक्ष सुनने और उसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने कहा कि जांच निष्पक्ष एवं विधिसम्मत ढंग से आगे बढ़ाई जाए।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में हुई। अदालत ने युवती की मां बिमला देवी की ओर से दायर याचिका का निस्तारण करते हुए जांच अधिकारी को निर्देशित किया कि वह युवती के बयान और उसके आरोपों पर विधिक प्रक्रिया के तहत विचार करें।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि घटना वाले दिन केतन लाल अपने एक साथी के साथ युवती के घर पहुंचा था। याचिकाकर्ता के अनुसार, घर में मौजूद नाबालिग के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसके शरीर पर चोटें आईं। याचिका में यह भी कहा गया कि पुलिस ने युवती का पक्ष दर्ज नहीं किया और उसकी शिकायत पर समुचित कार्रवाई नहीं की।
इन्हीं आरोपों के आधार पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के बाद न्यायालय ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना जांच अधिकारी को युवती का पक्ष सुनने और उसके बाद कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि न्यायालय का यह आदेश केवल जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से जारी किया गया है। मामले में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और उन पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।

More Stories
विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी सरगर्मियां तेज, यमकेश्वर में “स्थानीय चेहरे” की मांग हुई मुखर, चर्चाओं के केंद्र में कस्याली गाँव के वरिष्ठ पत्रकार विश्वजीत सिंह नेगी का नाम
रायपुर क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, 3 अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूरे : उत्तराखंड में रोपे जाएंगे रिकॉर्ड पौधे, 2 लाख किसानों को मिलेगा 0% ब्याज पर ऋण : सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत