डीएम आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालयों, रिकॉर्ड रूम एवं आपदा परिचालन केन्द्र का किया निरीक्षण; अधिकारियों, कार्मिकों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

डीएम आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालयों, रिकॉर्ड रूम एवं आपदा परिचालन केन्द्र का किया निरीक्षण; अधिकारियों, कार्मिकों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों एवं पटल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालयों में अभिलेखों के रखरखाव, साफ-सफाई, कार्मिकों की कार्यप्रणाली तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयों में अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आने वाले जनमानस के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उनकी शिकायतों एवं प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक फरियादी को त्वरित राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने विभिन्न शाखाओं में पत्रावलियों एवं अभिलेखों के रखरखाव का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि समस्त फाइलों एवं दस्तावेजों को सुव्यवस्थित ढंग से संरक्षित किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर अभिलेख तत्काल उपलब्ध हो सकें। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा अनावश्यक विलंब से बचने के निर्देश भी दिए।

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जिलाधिकारी ने रिकार्ड रूम के निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव, रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण तथा आवश्यक पत्रावलियों के सुरक्षित संरक्षण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड रूम में अभिलेखों का रखरखाव व्यवस्थित एवं श्रेणीवार किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर अभिलेख तत्काल उपलब्ध हो सकें।

कार्यालयों की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्यालय कार्यसंस्कृति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा कार्यालय परिसरों को सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कार्मिकों से संवाद करते हुए कहा कि जनसेवा प्रशासन का मूल उद्देश्य है तथा प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही एवं प्रतिबद्धता के साथ करें।

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निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आपदा परिचालन केन्द्र का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने जनपद में आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों, भूस्खलन एवं अतिवृष्टि प्रभावित स्थानों तथा ऐसे दूरस्थ गांवों की जानकारी प्राप्त की जहां पहुंचने के लिए पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्रों की अद्यतन सूची तैयार रखी जाए तथा उन क्षेत्रों में उपलब्ध सम्पर्क साधनों, संचार व्यवस्था, वैकल्पिक मार्गों एवं राहत पहुंचाने की व्यवस्थाओं का नियमित परीक्षण किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून एवं आपदा की संभावनाओं को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण सतर्कता एवं तत्परता बनाए रखें। उन्होंने आपदा परिचालन केन्द्र में तैनात कार्मिकों को निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाली सूचनाओं का त्वरित संकलन एवं आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य समयबद्ध रूप से संचालित किए जा सकें।

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इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।