एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, हरभजवाला से बाईपास तक अवैध निर्माण सील, बिना नक्शा स्वीकृति बनाए जा रहे व्यावसायिक निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई, प्राधिकरण ने दिया सख्त संदेश

एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, हरभजवाला से बाईपास तक अवैध निर्माण सील, बिना नक्शा स्वीकृति बनाए जा रहे व्यावसायिक निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई, प्राधिकरण ने दिया सख्त संदेश

देहरादून। राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए हरभजवाला और सिमला बाईपास क्षेत्र में कई व्यावसायिक निर्माणों को सील कर दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई को शहर में अनियोजित विकास और नियमों की अनदेखी पर कड़ा संदेश माना जा रहा है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति और स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

दो स्थानों पर एक साथ कार्रवाई
एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने हरभजवाला क्षेत्र में असरफ अली द्वारा निर्मित की जा रही लगभग छह दुकानों को सील किया। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के किया जा रहा था। वहीं सिमला बाईपास रोड स्थित तेलपुर चौक के निकट आभास कुबेर चांद द्वारा व्यावसायिक उपयोग के लिए बनाए जा रहे लगभग नौ कमरों के निर्माण को भी सील कर दिया गया। दोनों मामलों में निर्माणकर्ताओं को पहले नोटिस जारी कर जवाब देने का अवसर दिया गया था, लेकिन संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई।

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नोटिस के बाद भी नहीं माने निर्माणकर्ता
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार संबंधित निर्माणकर्ताओं के खिलाफ पहले चालानी कार्रवाई की गई थी और उन्हें कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद संयुक्त सचिव गौरव चटवाल ने नियमानुसार सीलिंग के आदेश जारी किए। आदेशों के अनुपालन में सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेष राणा और अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से कार्रवाई संपन्न कराई गई।

शहर के नियोजित विकास पर फोकस
एमडीडीए का कहना है कि अवैध निर्माण केवल भवन उपनियमों का उल्लंघन नहीं हैं, बल्कि वे शहर के सुनियोजित विकास के लिए भी गंभीर चुनौती बनते हैं। ऐसे निर्माणों के कारण यातायात व्यवस्था, जल निकासी तंत्र, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यही वजह है कि प्राधिकरण लगातार निरीक्षण अभियान चलाकर अवैध निर्माणों की पहचान कर रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कर रहा है।

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नियम तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी राहत
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य बिना स्वीकृति के नहीं किया जा सकता। लोगों को समय-समय पर नोटिस और जागरूकता के माध्यम से नियमों की जानकारी दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद अवैध निर्माण जारी रखने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भवन निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने की अपील की।

अभियान आगे भी रहेगा जारी
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को पहले नोटिस देकर मौका दिया जाता है, लेकिन अनदेखी होने पर सीलिंग जैसी कार्रवाई अपरिहार्य हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजधानी में कानूनसम्मत और नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।

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