पीआरएसआई देहरादून चैप्टर ने डीजीपी दीपम सेठ से की शिष्टाचार भेंट, जनजागरूकता में पुलिस को सहयोग करेगा PRSI

पीआरएसआई देहरादून चैप्टर ने डीजीपी दीपम सेठ से की शिष्टाचार भेंट, जनजागरूकता में पुलिस को सहयोग करेगा PRSI

  • ड्रग्स फ्री उत्तराखंड” अभियान, सड़क सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के लिए उत्तराखंड पुलिस कृतसंकल्प, जनसहभागिता भी जरूरी : डीजीपी 

देहरादून : पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई), देहरादून चैप्टर के प्रतिनिधिमंडल ने आज उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक  दीपम सेठ से शिष्टाचार भेंट की। बैठक के दौरान “ड्रग्स फ्री उत्तराखंड” अभियान को प्रभावी बनाने, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, साइबर अपराधों के खतरों को कम करने और इन सभी क्षेत्रों में जन भागीदारी को सुनिश्चित करने पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ।

ड्रग्स समस्या को लेकर डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि ड्रग्स फ्री उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके निर्देश पर पुलिस प्रशासन द्वारा ड्रग्स की गतिविधियों में लिप्त असामाजिक और माफिया तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग युवाओं को नशे के दलदल से बचाने के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है, जिसमें समाज के हर वर्ग का योगदान आवश्यक है।

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सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त यातायात नियमों के पालन और लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने पर भी चर्चा की गई। इस संदर्भ में डीजीपी ने कहा कि पुलिस चेकिंग को काफी बढ़ाया गया है।  सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और पीआरएसआई जैसे संगठनों का सहयोग इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बैठक में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को लेकर भी बातचीत हुई। डीजीपी ने बताया कि साइबर क्राइम रोकथाम के लिए लोगों को डिजिटल सुरक्षा और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने पीआरएसआई के सदस्यों से आग्रह किया कि वे इस दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।

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पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया ने कहा कि “ड्रग्स फ्री उत्तराखंड” अभियान, सड़क सुरक्षा और साइबर अपराधों के प्रति जनजागरूकता में पीआरएसआई सक्रिय भूमिका निभाएगा।  संगठन अपने जनसंपर्क विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए जागरूकता अभियानों को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग का हर संभव सहयोग करेगा। इस दौरान पीआरएसआई के अन्य सदस्यों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक में पीआरएसआई के सचिव अनिल सती, सदस्य प्रियांक, मनोज सती, आयुष, संजय बिष्ट, प्रताप बिष्ट मौजूद थे।