देहरादून /राव शफात अली/
चुनावी मौसम में दल बदल का सिलसिला लगातार जारी है इस दौरान कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता भाजपा में शामिल हो गए हैं कोंग्रेस ने इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है
कांग्रेस के नेता रहे पी के अग्रवाल और उनकी पत्नी लक्ष्मी अग्रवाल अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो गई है
इससे पहले लक्ष्मी अग्रवाल कांग्रेस पार्टी में महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी संभाल रही थी
लेकिन गुटबाज़ी के चलते विवाद बढ़ा तो लक्ष्मी अग्रवाल और उनके पति पी के अग्रवाल ने अब हाथ का साथ छोड़कर BJP का दामन थाम लिया है लक्ष्मी अग्रवाल और पी के अग्रवाल की कांग्रेस से नाराज़गी काफ़ी लंबे समय से नज़र आ रही थी दरअसल
आरोप था की राष्ट्रीय अध्यक्ष मालिकार्जुन खड़के के सम्मेलन के दौरान केंद्रीय नेतृत्व से अभद्रता के लिए इन नेताओं को ज़िम्मेदार माना जा रहा था जिसे पार्टी ने गंभीरता से लिया इसे अनुशासनहीनता मानते हुए दोनों नेताओं को उनके पदों से मुक्तकर दिया था
पार्टी से छह साल के निष्कासन के बाद पी के अग्रवाल और लक्ष्मी अग्रवाल ने अपने समर्थकों के साथ भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली है ,हालाँकि कांग्रेस में आने से पहले यह नेता पहले भी भाजपा पार्टी में ही थे ग़ौरतलब है कि लक्ष्मी अग्रवाल काफ़ी लंबे समय से सहसपुर विधानसभा सीट पर भी सक्रिय नज़र आती है इस सीट से आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में वह टिकट की दावेदारी कर सकती थी हालाँकि एक बार फिर से BJP का दामन थामने के बाद लक्ष्मी अग्रवाल और पी के अग्रवाल का राजनीतिक भविष्य कैसा होगा यह तो समय के गर्भ में है लेकिन हाल फ़िलहाल की बात करें तो इन नेताओं ने कांग्रेस को अब अलविदा कह दिया है
कांग्रेस नेता गरिमा दसोनी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पत्थर एक जगह पड़ा पड़ा भारी हो जाता है और तेज़ हवा में पत्ते उड़ जाया करते हैं ये नेता पहले भी भाजपा में थे और अब वापस भाजपा में चले गए हैं भाजपा अपने कार्यकर्ताओं का गला दबाकर अपना कुनबा बढ़ा रही है

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